हरियाणा के इस जिले में छप रहे थे नकली नोट, जाने पूरा मामला

दिल्ली पुलिस द्वारा नकली भारतीय करेंसी नोटों की सप्लाई और सर्कुलेशन के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से बरामद सामग्री और पुलिस कार्रवाई।
राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक बड़े Crime Syndicate का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय इस खतरनाक Fake Currency Racket का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने तीन ऐसे शातिर आरोपियों को धर दबोचा है जो सुनियोजित तरीके से Counterfeit Indian Currency Notes की सप्लाई और सर्कुलेशन का अवैध धंधा चला रहे थे। पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से कुल 7 लाख 38 हजार 500 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिन्हें 500 Rupees Denomination की गड्डियों में छिपाकर रखा गया था। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश में जुटी हुई है।
इस आपराधिक षडयंत्र का मुख्य मास्टरमाइंड हरियाणा के सोनीपत जिले के ठरू गांव का रहने वाला Sahil Kharb बताया जा रहा है, जिसने अपने घर के मुख्य द्वार पर ‘Kharb Enterprises Water Solutions’ के नाम से होलसेल और रिटेल RO Business का एक बोर्ड लगा रखा था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो। अपनी इस दुकान और घर की आड़ में वह चुपचाप Illegal Printing Setup चला रहा था और आधुनिक मशीनों की मदद से नकली नोट छापने का घिनौना काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस की DIU (District Investigation Unit) Rohini को जब इस गुप्त गतिविधि की भनक लगी, तो एक विशेष Intelligence Operation के तहत जाल बिछाकर इन शातिर अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपियों की पहचान राजस्थान के बाड़मेर निवासी Gosai Ram (२२ वर्ष) और जयपुर के रहने वाले Pushkar Raj Purabiya alias Doctor के रूप में हुई है, जो इस पूरे नेटवर्क में Distribution Network को संभालने का काम कर रहे थे।
पुलिस रिकॉर्ड और FIR Details के अनुसार, प्रशांत विहार थाने की पुलिस टीम को ३० सितंबर को एक बेहद खास Secret Information प्राप्त हुई थी कि साहिल खर्ब और गोसाई राम भारी मात्रा में जाली भारतीय मुद्रा को असली नोटों की तरह बाजार में खपाने के लिए दिल्ली लाने वाले हैं। दोनों आरोपी शाम के समय जापानी पार्क के नजदीक पुष्कर राज पुरबिया को ये नकली नोट डिलीवर करने वाले थे। इस पुख्ता सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया और Inspector Devender Kumar के नेतृत्व में रोहिणी डीआईयू की एक विशेष Raid Team का गठन किया गया। पुलिस दल ने अपनी रणनीति के तहत रोहिणी के सेक्टर-28, रिठाला मेट्रो स्टेशन और जापानी पार्क के आसपास कड़ा पहरा बिठा दिया। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के नियमों का पालन करते हुए जब पुलिस ने कुछ स्थानीय राहगीरों और ई-रिक्शा चालकों को इस Police Action का हिस्सा बनने के लिए कहा, तो व्यक्तिगत मजबूरियों का हवाला देकर आम नागरिकों ने गवाह बनने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए खुद ही मोर्चा संभाला और मुखबिर के बताए गए Exact Coordinates पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी।
रात करीब साढ़े आठ बजे महर्षि दयानंद मार्ग से केएन काजू मार्ग की तरफ एक संदिग्ध व्यक्ति जाता हुआ दिखाई दिया, जिसकी पहचान मुखबिर द्वारा पुष्कर राज पुरबिया के रूप में की गई थी। वह व्यक्ति एक पेड़ के नीचे चुपचाप खड़ा होकर किसी का Waiting For Delivery मोड में इंतजार कर रहा था। लगभग दस मिनट बीतने के बाद दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए, जिनकी पहचान गोसाई राम और साहिल खर्ब के रूप में हुई। तीनों ने आपस में कुछ बातचीत की और इसके तुरंत बाद गोसाई राम ने अपने पीठ पर टंगे काले रंग के Backpack से एक पैकेट निकालकर पुष्कर राज को थमा दिया। जैसे ही यह अवैध Currency Handover की प्रक्रिया पूरी हुई, सादे कपड़ों में मुस्तैद पुलिस टीम ने फुर्ती दिखाते हुए तीनों तरफ से घेरकर तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सार्वजनिक स्थल पर ही उनके पास मौजूद सामान की Thorough Search शुरू की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पुष्कर राज के कब्जे से बरामद किए गए पैकेट की जब Physical Verification की गई, तो उसमें पांच सौ रुपये के कुल 201 नोट यानी एक लाख पांच सौ रुपये जाली रूप में मिले, जो छूने और देखने में बिल्कुल असली प्रतीत होते थे। इसके अलावा, गोसाई राम के काले बैग की तलाशी लेने पर पांच सौ रुपये के 574 नोट बरामद हुए, जिनकी कुल फेस वैल्यू दो लाख सत्तासी हजार पांच सौ रुपये आंकी गई। वहीं, सोनीपत निवासी मुख्य आरोपी साहिल खर्ब के पास से बरामद बैग की जांच करने पर पांच सौ रुपये के पूरे 900 जाली नोट हाथ लगे, जिनकी कुल कीमत तीन लाख पचास हजार रुपये थी। इस प्रकार तीनों के पास से कुल मिलाकर 1,476 Counterfeit Notes जप्त किए गए।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर Crime Team Rohini और FSL Experts को तुरंत बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कर सभी Digital Evidence और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से सील किया। आरोपियों के मोबाइल फोन और नोट ढोने वाले बैग्स को भी Seizure List में शामिल कर लिया गया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गोसाई राम और साहिल पहले भी कई बार इस तरह की खेप सप्लाई कर चुके हैं और Criminal Background के चलते उन पर पहले से भी मामले दर्ज हैं। ये सभी आरोपी कम समय में अमीर बनने के शॉर्टकट Quick Money Dream के चक्कर में हवाला कारोबारियों से संपर्क साधकर इस Underworld Network का हिस्सा बन गए थे और स्थानीय साप्ताहिक बाजारों में इन नोटों को चलाते थे। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत Criminal Case दर्ज कर लिया है और इस पूरे प्रकरण की आगे की Deep Investigation एसआई आशीष गर्ग द्वारा की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट के हर एक मोहरे को कानून के कटघरे में लाया जा सके।
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