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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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बनें डिजिटल युग का सम्राट, DIGITAL ORRA के साथ

पंचकूला, हरियाणा|विशेष संवाददाता
बनें डिजिटल युग का सम्राट, DIGITAL ORRA के साथ

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: latestnewsharyana News 24

आधुनिकता के इस युग में एक ओर जहां बेरोजगारी और निजीकरण को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं। वहीं अगर आप काबलियत और कुछ कर गुजरने की चाह रखते हैं तो आपको DIGITAL ORRA देगा नई पहचान। आज के दौर में जब पारंपरिक नौकरियों के अवसर सीमित हो रहे हैं और हर क्षेत्र में डिजिटल क्रांति आ चुकी है, तब खुद को समय के अनुसार ढालना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। केवल डिग्री होने से बात नहीं बनती, बल्कि हाथों में हुनर और आधुनिक डिजिटल स्किल्स होना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। इसी उद्देश्य के साथ DIGITAL ORRA युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें डिजिटल युग का लीडर तैयार करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है। यह संस्थान आज के युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत यानी व्यावहारिक ज्ञान पर काम करता है। यहां बच्चों को आज के समय के सबसे डिमांडिंग कोर्सेज सिखाए जाते हैं, जैसे डिजिटल मार्केटिंग, जिसके जरिए आप किसी भी बिजनेस को ऑनलाइन घर बैठे बुलंदियों पर पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा वीडियो एडिटिंग, जो आज की रील्स और यूट्यूब की दुनिया में सबसे ज्यादा मांग वाला और क्रिएटिव हुनर है, और ग्राफिक्स डिजाइनिंग, जिसके माध्यम से विजुअल क्रिएटिविटी के जरिए अपने विचारों को एक आकर्षक रूप दिया जाता है। इसके साथ ही, यहाँ विशेष तौर पर स्किल क्लासेस भी आयोजित की जाती हैं, जो युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें कॉर्पोरेट जगत या फ्रीलांसिंग के लिए पूरी तरह तैयार करती हैं। अगर आप भी अपनी किस्मत के भरोसे बैठने के बजाय अपनी काबिलियत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो यह सही समय है सही कदम उठाने का। आज ही जुड़ें और अपने सपनों को एक नई डिजिटल दिशा दें!

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हरियाणा कांग्रेस में फिर दिखी फूट, सड़कों पर हुई मारपीट, जाने पूरा मामला

फरीदाबाद, हरियाणा|विशेष संवाददाता
हरियाणा कांग्रेस में फिर दिखी फूट, सड़कों पर हुई मारपीट, जाने पूरा मामला

हरियाणा में गुटबाजी को लेकर अक्सर खबरें सुनने में आती हैं. लेकिन इसी बीच कांग्रेस देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रदर्शन कर रही है. लेकिन हरियाणा के फरीदाबाद में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस में फिर फूट दिखी. यहां कांग्रेस को एकता का संदेश देना था वहीं दो कांग्रेस महिला नेताओं में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. और कहासुनी धीर-धीरे मारपीट में तब्दील हो हो गई.फरीदाबाद की सड़कों पर कांग्रेस नेताओं में आपस में मारपीटदरअसल, फरीदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाईकमान की आदेश के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ रोष मार्च निकाला. इस दौरान कांग्रेस के कई कार्यकर्ता एकजुट हुए. लेकिन पैदल मार्च के दौरान हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई. दोनों महिला नेताओं ने एक-दूसरे को थप्पड़ मारे. घटना के बाद प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया.प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक के नेतृत्व में ओल्ड फरीदाबाद स्थित चांदी वाली धर्मशाला से पथरावी मंदिर तक पैदल मार्च निकाला जा रहा था. प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था. पैदल मार्च के दौरान बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी रह चुकीं पराग शर्मा पार्टी का बैनर पकड़कर चल रही थीं. दो कांग्रेस महिला नेताओं के बीच मारपीटपराग शर्मा के साथ पार्टी की नेता गजना लांबा भी मौजूद थीं. मार्च के दौरान गजना लांबा आगे निकलने का प्रयास कर रही थीं. इस बात को लेकर दोनों महिला नेताओं के बीच कहासुनी हो गई. कहासुनी के दौरान पराग शर्मा ने गजना लांबा को थप्पड़ मार दिया. इसके जवाब में गजना लांबा ने भी पराग शर्मा को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई. थोड़ी देर तक हुई इस मारपीट के बीच कई नेता बीच-बचाव में आए. दोनों महिला नेताओं के बीच विवाद बढ़ता देख जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक और अन्य कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया. उन्होंने दोनों को अलग कराया, जिसके बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया.ये भी पढ़ें- बेटी पैदा होने पर महिला को पीटा गया, घर से निकालाघटना को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच जो हाथापाई हुई है, उसे आपसी बातचीत के जरिए जल्द ही सुलझा लिया जाएगा." प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना के बाद कांग्रेस के स्थानीय संगठन में विवाद को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि, दोनों महिला नेताओं के बीच विवाद की पूरी वजह और घटनाक्रम को लेकर उनके पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.राजनीतिक गलियारों में चर्चा और पार्टी की फजीहतइस घटना के बाद हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गईं हैं. विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है. जनता के बीच एकता का संदेश देने के लिए निकाले गए इस रोष मार्च के दौरान जिस तरह से महिला नेताओं के बीच आपसी कलह खुलकर सामने आई, उससे स्थानीय संगठन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. फिलहाल, दोनों महिला नेताओं के आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम और विवाद की असली वजह साफ हो सकेगी.

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बेटी पैदा होने पर महिला को पीटा गया, घर से निकाला

पानीपत, हरियाणा|विशेष संवाददाता
बेटी पैदा होने पर महिला को पीटा गया, घर से निकाला

बेटियां भले ही आज देश का नाम दुनिया में चमका रही हैं और बेटों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिल रही हों लेकिन समाज में आज भी ऐसे कई लोग हैं जो बेटी पैदा होने पर अभिशाप समझते हैं. ऐसी ही एक मामला सामने आया है पानीपत से जहां एक महिला को इसलिए मारा पीटा गया क्योंकि उसने एक बेटी को जन्म दिया .पति और दादा-दादी सास पर आरोपये पूरा मामला है पानीपत के तहसील कैंप की तेज कॉलोनी का जहां विवाहिता ने अपने पति और दादा-दादी सास पर दहेज प्रताड़ना, बेटा न होने पर उत्पीड़न, विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठने और जान से मारने की धमकियां देने के गंभीर आरोप लगाए हैं.जिसको लेकर उसने पुलिस को जानकारी दी और अपनी आप बीती बताई. पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी शादी को करीब 7 साल हो गए हैं और वह अपने पति साहिल डाबर के साथ पेहोवा में प्रोफेसर कॉलोनी में अपनी पति के साथ रहती थी. लेकिन शादी के कुछ सालों बाद ही उसको दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया.बेटी के जन्म के बाद से अत्याचारपीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया जिसके बाद से ससुराल पक्ष का अत्याचार बढ़ गया. पहले एक ओर जहां लड़का पैदा ना होने के ताने दिए गए वहीं खाने के लिए तरसाना शुरु कर दिया. इसके साथ ही मारपीट की गई और तीन कपड़ों सहित घर से निकाल गिया गया.विदेश भेजने के नाम पर 5 लाख ऐंठने का भी आरोपपीड़िता ने जानकारी दी कि पहले एक बार रिश्तेदारों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता करवाया था और पति साहिल डाबर व उसके परिजनों ने माफी माफी मांगी थी. जिसके बाद वह अपने ससुराल वालों के साथ फिर से रहने लगी. लेकिन कुछ ही दिन बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने पति को विदेश में कारोबार सेट करने के नाम पर मोटी रकम की मांग शुरू कर दी। श्वेता के पिता ने बेटी का घर बसाने की खातिर साहिल को विदेश भेजने के लिए करीब 4 से 5 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन हर बार उसकी वीजा फाइल रिफ्यूज हो गई। आरोप है कि विदेश जाने का बहाना बनाकर उससे और उसकी बेटी से पीछा छुड़ाने की सोची-समझी साजिश रची गई थी।शराब पीकर की पीड़िता के साथ की गई मारपीटपीड़िता ने आरोप लगाया कि दादा-दादी सास के भड़काने के बाद उसके पति ने शराब के नशे में मारपीट की और इतना मजबूर किया गया कि वो किराए के मकान में रहने लगी. इस दौरान खाने-पीने के खर्चा मायके पक्ष की ओर से दिया गया.जान से मारने की धमकी कई सालों से प्रताड़ना सह रही पीड़िता ने अपनी आवाज उठाई और पुलिस को शिकायत दी. पुलिस को पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने फिर से मारपीट की है और घर से निकाल दिया है. साथ ही पैसे ना देने पर जान से मारने की धमकी भी उसके पति ने दी है. पीड़िता श्वेता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने पति साहिल डाबर, दादा सास तख्त सिंह और दादी सास फुला रानी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।ये भी पढ़ें- इंस्टाग्राम पर हुआ प्यार, शादी के लिए मां बनी दीवार, तो कर दी हत्या- जानिए पूरा मामलापानीपत से सामने आई यह घटना न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली है, बल्कि यह हमारे समाज के सामने कई बड़े और गंभीर सवाल भी खड़े करती है। इस प्रकार के मामलों में सबसे बड़ी आवश्यकता यह होती है कि पीड़िता बिना डरे कानून का दरवाजा खटखटाए। हरियाणा पुलिस और महिला थानों द्वारा इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए पति और अन्य ससुरालियों के खिलाफ मामला दर्ज करना एक सही कदम है। महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा (Domestic Violence Act) और दहेज प्रताड़ना के मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, जिनका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना है।वहीं प्रशासन और न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई अन्य परिवार ऐसी प्रताड़ना का शिकार न बने।

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हरियाणा कांग्रेस की सरकार को घेरने की रणनीति, किया ये बड़ा ऐलान

हरियाणा|विशेष संवाददाता
हरियाणा कांग्रेस की सरकार को घेरने की रणनीति, किया ये बड़ा ऐलान

इन दिनों देश में बीजेपी और चुनाव आयोग की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है. इस मामले को लेकर एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ी जा रही है तो वहीं कांग्रेस हर मंच से बीजेपी और चुनाव आयोग को घेरने का काम कर रही है.इसी बीच बात अगर हरियाणा की करें तो हरियाणा कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर 8 अक्तूबर को प्रदेश के सभी जिलों में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया है। यह कार्यक्रम 2 से 8 अक्तूबर तक चल रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ का हिस्सा होगा। कांग्रेस इस मार्च में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ जोड़ेगी। कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि, 30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई थी. इस दौरान मतदाता सूचियों और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विषयों को लेकर गंभीरता से चर्चा की गई थी. बैठक में फैसला लिया गया था कि 7 अक्तूबर को ब्लॉक स्तर पर सहयोगी दलों के साथ प्रदर्शन को लेकर बैठक होगी. इनमें मार्च के मार्ग, समय, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और आपसी समन्वय को अंतिम रूप दिया जाएगा।8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों में निकाला जाएगा मार्चराव नरेंद्र सिंह ने बताया कि 8 अक्टूबर को हरियाणा के जिला मुख्यालयों में मार्च निकाला जाएगा. इसका समापन डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा, महात्मा गांधी की प्रतिमा या जिला उपायुक्त कार्यालय पर किया जा सकता है. इसके साथ ही निर्धारित स्थल पर राष्ट्रगान और संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक पाठ भी किया जाएगा. वहीं कांग्रेस अपने प्रदर्शन के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन भी किया जा सकेगा.कांग्रेस ने जिलों में समन्वय के लिए पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं। ये पर्यवेक्षक बैठकों तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस में समन्वय करेंगे और 8 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर होने वाले मार्च का नेतृत्व भी करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि अभियान के जरिए मताधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा।ये भी पढ़ें- हरियाणा में रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार, 90 हजार रुपए की मांगी थी रिश्वतहरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में तैयार की गई यह रणनीति साफ दर्शाती है कि पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। पिछले कुछ महीनों से राज्य और केंद्र स्तर पर जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां बन रही हैं, उन्हें देखते हुए कांग्रेस अब सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक तेवर दिखाने के मूड में है। पार्टी का मानना है कि केवल बयानों या कागजी बहसों से जनता के मुद्दों का समाधान नहीं होने वाला है, इसलिए जनहित और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बचाने के लिए जमीनी स्तर पर जनता को एकजुट करना बेहद आवश्यक हो चुका है। इसी उद्देश्य के तहत ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ जैसे व्यापक अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि हर वर्ग तक पार्टी की आवाज पहुंचाई जा सके।युवाओं, किसानों और मजदूरों पर कांग्रेस का 'फोकस'इस पूरे आंदोलन के दौरान युवाओं,किसानों, मजदूरों और व्यापारियों समेत समाज के हर तबके को जोड़ने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि आज देश और प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा खतरे में है, और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जो सवाल उठ रहे हैं, वे किसी एक दल से जुड़ा मुद्दा नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। यही कारण है कि इस मोर्चे पर केवल कांग्रेस अकेली नहीं लड़ रही है, बल्कि 'इंडिया' गठबंधन के तमाम घटक दलों को भी एक मंच पर लाकर एक साझा और मजबूत संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सरकार पर वैचारिक और राजनीतिक दोनों रूपों में दबाव बनाया जा सके।ब्लॉक और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं में भरा जा रहा जोशइस राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय अभियान को सफल बनाने के लिए हरियाणा कांग्रेस संगठन ने अपनी आंतरिक तैयारियों को भी पूरी तरह चाक-चौबंद कर लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए विभिन्न जिलों के पर्यवेक्षक और ब्लॉक अध्यक्ष सक्रिय रूप से मैदान में उतर चुके हैं। हर जिले में होने वाली बैठकों का मुख्य एजेंडा यही है कि किस प्रकार से अधिक से अधिक संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों को 8 अक्टूबर के मार्च से जोड़ा जाए। पार्टी नेताओं का स्पष्ट निर्देश है कि यह मार्च पूरी तरह से अनुशासित, शांतिपूर्ण लेकिन अपने उद्देश्यों को लेकर बेहद मुखर होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक पाठ और राष्ट्रगान जैसे आयोजन इस बात का प्रतीक हैं कि कांग्रेस अपने इस आंदोलन को पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में रखते हुए वैचारिक आधार पर सरकार को घेरना चाहती है। पार्टी का यह भी मानना है कि जब तक आम जनता को उनके मूल मताधिकार के महत्व और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं किया जाएगा, तब तक लोकतांत्रिक व्यवस्था की असल रक्षा संभव नहीं हो सकती।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 8 अक्टूबर को होने वाला यह ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च हरियाणा की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। कांग्रेस पार्टी इन प्रदर्शनों के जरिए न केवल चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल की नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार करने की कोशिश कर रही है, बल्कि आने वाले समय में खुद को एक मजबूत और आक्रामक विकल्प के रूप में भी स्थापित करने में जुटी है।

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हरियाणा में रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार, 90 हजार रुपए की मांगी थी रिश्वत

गन्नौर, सोनीपत|विशेष संवाददाता
हरियाणा में रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार, 90 हजार रुपए की मांगी थी रिश्वत

हरियाणा में इन दिनों रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने में लगी है जो आम जनता को परेशान करने का काम कर रहे हैं. ऐसे ही एक मामला सामने आया है सोनीपत के गन्नौर से जहां ACB की टीम ने ऐसे सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार करने मे कामयाबी हासिल की है जिसने 90 हजार रुपए की रिश्वत की मांग थी. Patwari Taking Bribe In Haryana दरअसल, गन्नौर में 90 हजार की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी पटवारी पर आरोप लगा है कि एक कंपनी के बैंक लोन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए पटवारी ने रिश्वत की मांग की थी. जिसको लेकर शिकायकर्ता ने भिवानी ACB की टीम को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद पटवारी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया था.ACB की टीम ने शिकायतकर्ता को गन्नौर तहसील में 90 हजार लेकर जाने के लिए कहा जैसे ही उसने ये रकम पटवारी को दी दो टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और आरोपी को गन्नौर थाने में ले जाया गया. जहां आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जारी है.ACB की टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि जब भी कोई कंपनी या व्यक्ति अपनी संपत्ति पर बैंक से ऋण (Loan) लेता है, तो कानूनन यह अनिवार्य होता है कि उस संपत्ति के आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड यानी फर्द और इंतकाल में उस बैंक ऋण की प्रविष्टि (Entry) दर्ज कराई जाए। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि संबंधित संपत्ति पर बैंक का वित्तीय हित सुरक्षित रहे और कोई भी व्यक्ति बैंक की अनुमति या जानकारी के बिना उस संपत्ति को आगे न बेच सके। यह एक सामान्य प्रशासनिक और विधिक प्रक्रिया है, जिसे पूरा करना संबंधित हल्के के पटवारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों का प्रशासनिक दायित्व होता है, जिसके लिए किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क या रिश्वत का कोई प्रावधान नहीं है।दो लाख से शुरू हुआ था सौदा, विजिलेंस ने बिछाया जालभिवानी एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर जगजीत सिंह द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के मुताबिक, इस मामले में आरोपी पटवारी की पहचान सचिन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गांव उमेदगढ़ का रहने वाला है और वर्तमान में गन्नौर तहसील में पटवारी के पद पर तैनात है। शुरुआती बातचीत के दौरान आरोपी सचिन ने कंपनी के प्रतिनिधि से इस सामान्य सी एंट्री को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के एवज में पूरे 2 लाख रुपए की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी। हालांकि, आपसी मोलभाव और बातचीत के बाद यह सौदा 1 लाख रुपए में तय हुआ था। इस अवैध मांग से तंग आकर कंपनी के प्रतिनिधि ने चुपचाप भिवानी स्थित एसीबी कार्यालय से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विभाग ने तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया।ये भी पढ़ें- हरियाणा के इस जिले में छप रहे थे नकली नोट, जाने पूरा मामलारंगेहाथ गिरफ्तारी और आगामी कानूनी कार्रवाईशिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ एक गुप्त योजना तैयार की। योजना के तहत शिकायतकर्ता को रासायनिक लगे हुए नोटों के साथ गन्नौर तहसील परिसर भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी पटवारी सचिन को 90 हजार रुपए की यह रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की दो टीमों ने तुरंत दबिश दी और उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत के पूरे पैसे भी बरामद कर लिए गए हैं। गन्नौर थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

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हरियाणा के इस जिले में छप रहे थे नकली नोट, जाने पूरा मामला

नई दिल्ली|विशेष संवाददाता
हरियाणा के इस जिले में छप रहे थे नकली नोट, जाने पूरा मामला

राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक बड़े Crime Syndicate का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय इस खतरनाक Fake Currency Racket का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने तीन ऐसे शातिर आरोपियों को धर दबोचा है जो सुनियोजित तरीके से Counterfeit Indian Currency Notes की सप्लाई और सर्कुलेशन का अवैध धंधा चला रहे थे। पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से कुल 7 लाख 38 हजार 500 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिन्हें 500 Rupees Denomination की गड्डियों में छिपाकर रखा गया था। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश में जुटी हुई है।इस आपराधिक षडयंत्र का मुख्य मास्टरमाइंड हरियाणा के सोनीपत जिले के ठरू गांव का रहने वाला Sahil Kharb बताया जा रहा है, जिसने अपने घर के मुख्य द्वार पर ‘Kharb Enterprises Water Solutions’ के नाम से होलसेल और रिटेल RO Business का एक बोर्ड लगा रखा था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो। अपनी इस दुकान और घर की आड़ में वह चुपचाप Illegal Printing Setup चला रहा था और आधुनिक मशीनों की मदद से नकली नोट छापने का घिनौना काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस की DIU (District Investigation Unit) Rohini को जब इस गुप्त गतिविधि की भनक लगी, तो एक विशेष Intelligence Operation के तहत जाल बिछाकर इन शातिर अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपियों की पहचान राजस्थान के बाड़मेर निवासी Gosai Ram (२२ वर्ष) और जयपुर के रहने वाले Pushkar Raj Purabiya alias Doctor के रूप में हुई है, जो इस पूरे नेटवर्क में Distribution Network को संभालने का काम कर रहे थे।पुलिस रिकॉर्ड और FIR Details के अनुसार, प्रशांत विहार थाने की पुलिस टीम को ३० सितंबर को एक बेहद खास Secret Information प्राप्त हुई थी कि साहिल खर्ब और गोसाई राम भारी मात्रा में जाली भारतीय मुद्रा को असली नोटों की तरह बाजार में खपाने के लिए दिल्ली लाने वाले हैं। दोनों आरोपी शाम के समय जापानी पार्क के नजदीक पुष्कर राज पुरबिया को ये नकली नोट डिलीवर करने वाले थे। इस पुख्ता सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया और Inspector Devender Kumar के नेतृत्व में रोहिणी डीआईयू की एक विशेष Raid Team का गठन किया गया। पुलिस दल ने अपनी रणनीति के तहत रोहिणी के सेक्टर-28, रिठाला मेट्रो स्टेशन और जापानी पार्क के आसपास कड़ा पहरा बिठा दिया। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के नियमों का पालन करते हुए जब पुलिस ने कुछ स्थानीय राहगीरों और ई-रिक्शा चालकों को इस Police Action का हिस्सा बनने के लिए कहा, तो व्यक्तिगत मजबूरियों का हवाला देकर आम नागरिकों ने गवाह बनने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए खुद ही मोर्चा संभाला और मुखबिर के बताए गए Exact Coordinates पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी।रात करीब साढ़े आठ बजे महर्षि दयानंद मार्ग से केएन काजू मार्ग की तरफ एक संदिग्ध व्यक्ति जाता हुआ दिखाई दिया, जिसकी पहचान मुखबिर द्वारा पुष्कर राज पुरबिया के रूप में की गई थी। वह व्यक्ति एक पेड़ के नीचे चुपचाप खड़ा होकर किसी का Waiting For Delivery मोड में इंतजार कर रहा था। लगभग दस मिनट बीतने के बाद दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए, जिनकी पहचान गोसाई राम और साहिल खर्ब के रूप में हुई। तीनों ने आपस में कुछ बातचीत की और इसके तुरंत बाद गोसाई राम ने अपने पीठ पर टंगे काले रंग के Backpack से एक पैकेट निकालकर पुष्कर राज को थमा दिया। जैसे ही यह अवैध Currency Handover की प्रक्रिया पूरी हुई, सादे कपड़ों में मुस्तैद पुलिस टीम ने फुर्ती दिखाते हुए तीनों तरफ से घेरकर तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सार्वजनिक स्थल पर ही उनके पास मौजूद सामान की Thorough Search शुरू की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पुष्कर राज के कब्जे से बरामद किए गए पैकेट की जब Physical Verification की गई, तो उसमें पांच सौ रुपये के कुल 201 नोट यानी एक लाख पांच सौ रुपये जाली रूप में मिले, जो छूने और देखने में बिल्कुल असली प्रतीत होते थे। इसके अलावा, गोसाई राम के काले बैग की तलाशी लेने पर पांच सौ रुपये के 574 नोट बरामद हुए, जिनकी कुल फेस वैल्यू दो लाख सत्तासी हजार पांच सौ रुपये आंकी गई। वहीं, सोनीपत निवासी मुख्य आरोपी साहिल खर्ब के पास से बरामद बैग की जांच करने पर पांच सौ रुपये के पूरे 900 जाली नोट हाथ लगे, जिनकी कुल कीमत तीन लाख पचास हजार रुपये थी। इस प्रकार तीनों के पास से कुल मिलाकर 1,476 Counterfeit Notes जप्त किए गए।ये भी पढ़ें- हथियारों के साथ REEL बनाना पड़ा भारी, जानिए पूरी खबरघटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर Crime Team Rohini और FSL Experts को तुरंत बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कर सभी Digital Evidence और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से सील किया। आरोपियों के मोबाइल फोन और नोट ढोने वाले बैग्स को भी Seizure List में शामिल कर लिया गया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गोसाई राम और साहिल पहले भी कई बार इस तरह की खेप सप्लाई कर चुके हैं और Criminal Background के चलते उन पर पहले से भी मामले दर्ज हैं। ये सभी आरोपी कम समय में अमीर बनने के शॉर्टकट Quick Money Dream के चक्कर में हवाला कारोबारियों से संपर्क साधकर इस Underworld Network का हिस्सा बन गए थे और स्थानीय साप्ताहिक बाजारों में इन नोटों को चलाते थे। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत Criminal Case दर्ज कर लिया है और इस पूरे प्रकरण की आगे की Deep Investigation एसआई आशीष गर्ग द्वारा की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट के हर एक मोहरे को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

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देवर को भाभी के सामने मजाक में फंदा लगाना पड़ा भारी, मौत

जींद, हरियाणा|विशेष संवाददाता
देवर को भाभी के सामने मजाक में फंदा लगाना पड़ा भारी, मौत

हरियाणा के जींद जिले के अंतर्गत आने वाले जुलाना क्षेत्र के किलाजफरगढ़ गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक युवक को हंसी-मजाक के दौरान गले में फंदा डालना इतना भारी पड़ गया कि उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस बात से हैरान है कि कैसे एक पल का मजाक एक परिवार के लिए जिंदगी भर का गम बन गया।क्या है पूरा मामला?मिली जानकारी के अनुसार, किलाजफरगढ़ गांव का रहने वाला 31 वर्षीय हरीश एक निजी टावर कंपनी में नौकरी करता था। कुछ दिन पहले किसी हादसे या दुर्घटना के कारण उसके पैर में गहरी चोट लग गई थी। पैर की चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टर ने उसे आराम करने की सलाह दी थी, जिसके चलते हरीश पिछले दो-तीन दिनों से अपने घर पर ही आराम कर रहा था। मंगलवार की शाम को वह अपने कमरे के अंदर अकेला बैठा हुआ था और सामान्य स्थिति में था।घटना वाले दिन शाम के समय हरीश की भाभी उसे पीने के लिए पानी देने के लिए उसके कमरे में आई थीं। जब भाभी कमरे में दाखिल हुईं, तो उस वक्त हरीश ने कमरे में लगे पंखे के सहारे फंदा जैसा कुछ बनाकर अपने गले में डाल लिया। वह अपनी भाभी के साथ किसी बात को लेकर हंसी-मजाक करने लगा। चूंकि घर में इस तरह की हल्की-फुल्की बातें और मजाक आम बात थी, इसलिए उसकी भाभी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें जरा भी अंदेशा नहीं था कि यह मजाक इतना भयानक रूप ले लेगा। भाभी कमरे में पानी का गिलास रखकर वापस चली गईं।संतुलन बिगड़ने से हुआ भयानक हादसाभाभी के कमरे से बाहर जाने के बाद हरीश कमरे में अकेला था। उसके पैर में पहले से ही चोट लगी हुई थी, जिसके कारण वह पूरी तरह स्थिर नहीं खड़ा पा रहा था। बताया जा रहा है कि मजाक करते-करते अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह कमरे में रखी मेज से नीचे फिसल गया। पैर की चोट और शारीरिक असंतुलन के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और फंदा उसके गले में कसता चला गया।कुछ समय बीतने के बाद जब परिवार का कोई अन्य सदस्य किसी काम से उसके कमरे की तरफ गया और अंदर का नजारा देखा, तो उनके होश उड़ गए। हरीश फंदे पर लटका हुआ था। परिवारवालों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। बिना एक भी पल गंवाए परिजनों ने आनन-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा और गंभीर हालत में तुरंत जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे।अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषितअस्पताल के डॉक्टरों ने हरीश की हालत को देखते ही उसका तुरंत मेडिकल परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर के मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया और माता-पिता तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।पुलिस की कार्रवाई और जांचघटना की सूचना मिलने पर जुलाना थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए जींद के नागरिक अस्पताल भेज दिया। बुधवार की सुबह मृतक के पिता राममेहर ने थाने पहुंचकर पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाए। पिता ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी कि कैसे पैर में चोट होने के कारण उनके बेटे का संतुलन बिगड़ा और यह दुर्घटना घटी।ये भी पढ़ें- हरियाणा में रिश्वतखोर क्लर्क काबू, 5 हजार मांगी थी रिश्वतमामले की जांच कर रहे जुलाना थाना के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) लखविंदर ने मीडिया और प्रशासनिक जानकारी में बताया कि शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर यह साफ हुआ है कि मृतक अपनी भाभी के साथ केवल मजाक कर रहा था, जो बाद में एक बड़े हादसे में बदल गया। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल शुरुआती कार्रवाई की है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग यही कह रहे हैं कि कभी-कभी लापरवाही या बिना सोचे-समझे किया गया मजाक कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।

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हरियाणा में रिश्वतखोर क्लर्क काबू, 5 हजार मांगी थी रिश्वत

करनाल, हरियाणा|विशेष संवाददाता
हरियाणा में रिश्वतखोर क्लर्क काबू, 5 हजार मांगी थी रिश्वत

हरियाणा में रिश्वतखोरों के खिलाफ शासन और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया हुआ है और लगातार उन लोगों पर कार्रवाई की जा रही है जो रिश्वत मांगकर आम जनता को परेशान करने का काम कर रहे है. सरकार की ओर से उच्च अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में रिश्वतखोरों को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी इस काम में सम्मलित पाया जाता है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. इसी कड़ी में करनाल में ACB एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. दरअसल, करनाल नगर निगम की टैक्स शाखा में तैनात क्लर्क को रिश्वत लेते हुए ACB ने रंगे हाथों काबू करने में सफलता हासिल की है. मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पांच हजार रुपये लेते नए बस स्टैंड परिसर में पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के दौरान ACB की टीम के सदस्यों ने मौके पर ही रिश्वत की पूरी रकम आरोपी से वसूली है. ये पूरी कार्रवाई को राजपत्रित अधिकारी व शैडो गवाह की मौजूदगी में अंजाम दिया गया हैACB ने दी पूरी जानकारीइस पूरे मामले को लेकर ACB इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने जानकारी दी और बताया कि शिकायतकर्ता कुलदीप ने शिकायत दी थी कि माता-पिता की प्रॉपर्टी आईडी में श्रेणी संबंधी सुधार करवाना है और इसके लिए बकायदा नगर निगम के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भी किया था लेकिन टैक्स शाखा में तैनात क्लर्क गौरव ने इस काम को पूरा करने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग थी. जिसको लेकर कार्रवाई अमल में लाई गई और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक योजना बनाई गई. तय योजना के अनुसार मंगलवार को नए बस स्टैंड परिसर में आरोपी क्लर्क को शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ काबू कर लिया गया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद की। Karnal Municipal Corporation Clerk Arrested.jpg आरोपी के खिलाफ मामला दर्जACB के अनुसार कार्रवाई के दौरान सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। राजपत्रित अधिकारी और शैडो गवाह की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल में मामला दर्ज किया गया है।आरोपी क्लर्क से सख्ती से पूछताछ जारी ACB अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आरोपी क्लर्क से पूछताछ कर यह भी पता लगाया जाएगा कि वह पहले भी इस तरह की वसूली में शामिल रहा है या नहीं। दरअसल, इससे पहले भी सरकारी दफ्तरों में कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है और सख्त कार्रवाई भी की गई है. लेकिन उसके बावजूद भी लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जोकि की सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.ये भी पढ़ें- Asian Games 2026- हरियाणा की नीरू ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला गोल्डसरकार के दावे फेलदरअसल, हरियाणा की बीजेपी की सरकार की मंत्रियों की ओर से लगातार भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का दावा किया जाता रहा है. लेकिन धरातल पर सरकार का ये दावा फेल होता नजर आ रहा है. हरियाणा के कई सरकारी दफ्तरों में आज भी सरेआम रिश्वत का खेल चल रहा है. जिसके चलते आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल, देखना होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद रिश्वतलेने की सोच रखने वाले कर्मचारियों में कितना खौफ बैठता है या फिर हरियाणा के दफ्तरों में रिश्वत का ये खेल यूं ही जारी रहता है.

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Asian Games 2026- हरियाणा की नीरू ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला गोल्ड

हरियाणा|विशेष संवाददाता
Asian Games 2026- हरियाणा की नीरू ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला गोल्ड

खेलों की दुनिया में हरियाणा का नाम एक बार फिर पूरी दुनिया में गूंज उठा है। इस बार यह कमाल किया है हरियाणा की होनहार बेटी और 26 साल की स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा ने। नीरू ने एशियन गेम्स में इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया है। उन्होंने महिला ट्रैप व्यक्तिगत मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीत लिया है। इस जीत के साथ ही नीरू ने एक नया एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है, जिससे पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।नया एशियाई रिकॉर्ड और शानदार स्कोरनीरू ढांडा का एशियन गेम्स में प्रदर्शन शुरू से ही बेहतरीन रहा है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने 28 का शानदार स्कोर बनाकर नया एशियन रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने 24 के पुराने एशियाई रिकॉर्ड को चार अंकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। निशाने पर उनकी गजब की सटीकता और फोकस ने उन्हें न सिर्फ गोल्ड मेडल दिलाया, बल्कि प्रतियोगिता की रिकॉर्ड बुक में भी सबसे ऊपर ला खड़ा किया। इससे पहले महिला ट्रैप स्पर्धा में किसी भी भारतीय महिला शूटर ने व्यक्तिगत मेडल नहीं जीता था। नीरू ने इस लंबे सूखे को सीधे गोल्ड मेडल जीतकर खत्म कर दिया है।साल 2026 नीरू के लिए रहा कमालयह साल नीरू ढांडा के करियर के लिए बेहद शानदार साबित हुआ है। एशियन गेम्स के इस बड़े मंच पर उतरने से ठीक पहले उन्होंने एक ओर बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली थी.इटली वर्ल्ड कप में रचा था इतिहासइसी साल 2026 में जुलाई में इटली में शॉटगन वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ था. इस दौरान नीरू ने ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम ऊंचा किया था. वे शॉटगन वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनी थीं। जिसको लेकर हर देशवासी ने उन्हें प्रोत्साहित किया था और भविष्य में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी थी. जिसके साथ ही अब एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक नया और अध्याय जोड़ दिया है।क्वालिफिकेशन से लेकर फाइनल तक की लड़ाईनीरू ने फाइनल में पहुंचने से पहले ही अपनी ताकत का अंदाजा हर किसी को दिखा दिया था. क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 118 का बेहतरीन स्कोर बनाते हुए टॉप किया था। उन्होंने कतर की दिग्गज शूटर रे बासिल के साथ बराबरी करते हुए गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था। 8 बेहतरीन निशानेबाजों के बीच हुए फाइनल मुकाबले में नीरू ने किसी भी दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और मिले हुए मौके को सोने में बदल दिया।महिला ट्रैप टीम इवेंट में भी भारत को दिलाया सिल्वरव्यक्तिगत मुकाबले में गोल्ड जीतने से पहले नीरू ने टीम इवेंट में भी देश का मान बढ़ाया था। उन्होंने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिला ट्रैप टीम इवेंट में हिस्सा लिया था। इस तिकड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए 328 का संयुक्त स्कोर बनाया और देश के लिए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किया। इस कड़े मुकाबले में चीन की टीम ने 329 का स्कोर बनाकर गोल्ड जीता, जबकि कुवैत की टीम 325 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही और उसे ब्रॉन्ज मेडल मिला।हालांकि, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में क्रमशः 16वें और 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल में नहीं पहुंच पाईं, लेकिन टीम का सिल्वर मेडल और नीरू का व्यक्तिगत गोल्ड देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026 Day 7: Kamaljeet और Suruchi ने जीता Goldभारतीय शूटिंग का गौरवशाली इतिहास और नीरू की उपलब्धिभारत में पुरुष ट्रैप शूटिंग में पहले भी कई बड़े मुकाम हासिल किए गए हैं। साल 1978 में रणधीर सिंह ने व्यक्तिगत गोल्ड जीता था, और इसके बाद साल 2010 में रोंजन सोढ़ी (Ronjan Sodhi) ने पुरुषों के डबल ट्रैप में स्वर्ण पदक हासिल किया था।अब महिला वर्ग में नीरू ढांडा ने इस खास सूची में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा लिया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से यह साबित हो गया है कि अगर लगन और मेहनत पक्की हो, तो देश की बेटियां दुनिया के किसी भी मंच पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहरा सकती हैं।

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अस्पताल से युवक का शव लेकर भागा दोस्त, बोला- ये जिंदा है

करनाल|विशेष संवाददाता
अस्पताल से युवक का शव लेकर भागा दोस्त, बोला- ये जिंदा है

हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा इलाके से दिल को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में बाइक पर सवार दो युवकों को हरियाणा रोडवेज की एक बस ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक 18 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद अस्पताल परिसर में जो कुछ भी हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। अपने जिगरी दोस्त की अचानक मौत के सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण घायल साथी बदहवास हो गया और स्ट्रेचर पर रखे शव को लेकर अस्पताल से बाहर सड़क की तरफ भागने लगाकैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?मिली जानकारी के अनुसार, कोहंड गांव के रहने वाले दो युवक किसी जरूरी निजी काम के सिलसिले में अपनी बाइक पर सवार होकर घरौंडा की तरफ आ रहे थे। अभी वे नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर ही पहुंचे थे कि तभी पीछे से आ रही पंचकूला डिपो की एक तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उछलकर सड़क पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों घायलों को उठाकर घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में डॉक्टर ने घोषित किया मृत, तो सदमे में आया दोस्तघरौंडा के सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में जब डॉक्टरों ने दोनों युवकों की जांच की, तो उन्होंने 18 वर्षीय रोहित को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसका साथी कर्ण गंभीर रूप से घायल था, जिसका इलाज डॉक्टरों ने फौरन शुरू कर दिया।लेकिन असली दर्दनाक मंजर तब शुरू हुआ जब घायल कर्ण को यह पता चला कि उसका दोस्त रोहित अब इस दुनिया में नहीं रहा। महज 18 साल की उम्र में अपने सबसे करीबी दोस्त को यूं अचानक खो देने के इस कड़वे सच को कर्ण का मन स्वीकार नहीं कर सका। वह गहरे सदमे (shock) में चला गया और उसकी मानसिक सुध-बुध खो गई। अस्पताल के भीतर ही बदहवास हालत में कर्ण ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वह चीख-पुकार कर यह जिद करने लगा कि उसका दोस्त रोहित मरा नहीं है, बल्कि अभी जिंदा है और वह किसी भी कीमत पर उसे बचाने के लिए किसी दूसरे बड़े डॉक्टर के पास लेकर जाएगा।स्ट्रेचर समेत शव को घसीटते हुए सड़क की तरफ भागा बदहवास साथीशोक, दर्द और सदमे के उस अजीब दौर में कर्ण पूरी तरह होश खो बैठा। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले ही उसने अस्पताल के वार्ड से रोहित के शव को स्ट्रेचर समेत खींचना शुरू कर दिया। वह स्ट्रेचर को घसीटते हुए अस्पताल के कमरों से बाहर मुख्य सड़क की तरफ भागने लगा।अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर शव को खींचकर ले जाते उस युवक को देखकर वहां मौजूद तीमारदारों, डॉक्टरों और अन्य लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। यह नजारा इतना भावुक था कि देखने वालों का कलेजा कांप उठा। हर किसी की आंखें नम थीं कि कैसे एक युवक अपने दोस्त की मौत को झुठलाने की कोशिश कर रहा था। तुरंत ही मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दौड़कर कर्ण को पकड़ा और उसे प्यार से समझा-बुझाकर शांत किया। बड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने किसी तरह उसे संभाला और रोहित के शव को वापस अस्पताल के भीतर सुरक्षित पहुंचाया।परिवार में मचा कोहराम, पुलिस जांच में जुटीइस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाली हरियाणा रोडवेज की बस को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही मृतक रोहित के परिजनों को इस अनहोनी की दुखद सूचना दे दी गई, जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।ये भी पढ़ें- पेड़ पर टंगी काली थैली में मिला नवजात, क्या है पूरा मामलापुलिस ने मृतक रोहित के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे हादसे के असली कारणों और लापरवाही का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक तरफ जहां एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया, वहीं दोस्ती की एक ऐसी मिसाल और दर्द छोड़ गया जिसे वहां मौजूद कोई भी इंसान कभी नहीं भूल पाएगा।

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पेड़ पर टंगी काली थैली में मिला नवजात, क्या है पूरा मामला

भिवानी|विशेष संवाददाता
पेड़ पर टंगी काली थैली में मिला नवजात, क्या है पूरा मामला

हरियाणा के भिवानी शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। भिवानी की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सोमवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई, जब स्थानीय लोगों ने एक पेड़ पर टंगी काली पॉलिथीन के भीतर से एक नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी। इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और हैरानी का माहौल है कि आखिर कोई किसी लाचार और बेकसूर नवजात के साथ ऐसा क्रूर कृत्य कैसे कर सकता है।सुबह की सैर पर निकले लोगों ने सुनी बच्चे की रोने की आवाजघटनाक्रम के मुताबिक, सोमवार की सुबह जब कॉलोनी के लोग अपनी रूटीन मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्हें एक पेड़ से संदिग्ध हालत में बंधी काली थैली के पास से किसी बच्चे के रोने की धीमी आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने पास जाकर उस थैली को गौर से देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक नवजात शिशु को बेरहमी से प्लास्टिक की उस थैली के अंदर बंद करके पेड़ पर लटकाया गया था।बिजली कर्मचारी संघ के प्रधान और इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी धर्मवीर भाटी ने जानकारी दी कि सुबह करीब पांच बजे तक वहां ऐसी कोई भी वस्तु या संदिग्ध गतिविधि नहीं थी। इसके ठीक थोड़ी देर बाद, यानी साढ़े पांच बजे के आसपास, लोगों की नजर उस थैली पर पड़ी। बच्चे की चीखें सुनकर तुरंत इकट्ठा हुए स्थानीय नागरिकों ने बिना एक पल गंवाए इसकी सूचना तुरंत डायल 112 पर पुलिस को दी।तत्परता दिखाते हुए अस्पताल पहुंचाई गई जानसूचना मिलते ही पुलिस दल और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा तुरंत मौके पर पहुंच गई। कॉलोनी में तैनात लाइनमैन राजकुमार और अन्य स्थानीय लोगों की मदद से नवजात को फौरन सुरक्षित बाहर निकाला गया और नजदीकी सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कराया गया।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नवजात एक लड़का है और उसके शरीर पर जन्म के तुरंत बाद की नाल (umbilical cord) भी जुड़ी हुई थी। सुबह के वक्त खुले आसमान के नीचे और ठंडी हवाओं के बीच प्लास्टिक की थैली में लटकाए जाने के कारण मासूम का शरीर काफी ठंडा पड़ गया था। हालांकि, समय रहते स्थानीय लोगों की सजगता और पुलिस की तत्परता से उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सके।डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और PGI रेफरअस्पताल के प्रधानमंत्री चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉक्टर बलवान ने बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति पर अपडेट देते हुए बताया कि यह नवजात प्री-मैच्योर (समय से पहले जन्मा) है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर जरूर है, लेकिन बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सीय देखभाल के लिए उसे रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को कुछ हल्के झटके या दौरे जैसी समस्याएं भी महसूस हो रही हैं, जिसकी जांच की जा रही है कि यह समस्या जन्मजात है या फिर लंबी समयावधि तक पॉलिथीन में दमघोंटू माहौल में बंद रहने के कारण पैदा हुई है।बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने लिया जायजाइस अमानवीय घटना की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण भी फौरन अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर नवजात के स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी हर जानकारी ली।मीडिया से बातचीत करते हुए तृप्ति श्योराण ने कहा कि इस तरह की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी निष्पक्षता से तफ्तीश कर रहा है। घटनास्थल के आसपास के इलाकों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। हालांकि कुछ कैमरे खराब स्थिति में मिले हैं, फिर भी पुलिस अन्य तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों की गवाही के आधार पर सुराग तलाशने में जुटी है। आयोग पूरी तरह से इस मामले पर नजर बनाए हुए है कि आखिर किसने इस नवजात को इस हालत में पेड़ पर लटकाया था।पुलिस महकमे की जांच तेज, माता-पिता की तलाश जारीसिटी थाना एसएचओ जरनैल सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बिजली विभाग के लाइनमैन वाई रामचंद्र के जरिए डायल 112 पर यह सूचना प्राप्त हुई थी कि बिजली बोर्ड कॉलोनी में एक पेड़ पर पॉलिथीन के अंदर नवजात लटका हुआ है और उसके रोने की आवाज आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।ये भी पढ़ें- सतलोक आश्रम में बच्चे से छेड़छाड़, सेवादार गिरफ्तारएसएचओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस अब उन क्रूर और संवेदनहीन माता-पिता की पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है जिन्होंने इस मासूम को जन्म लेते ही मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, रास्तों और संदिग्धों की फेरदोष की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले लोग कानून की गिरफ्त में होंगे।

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