हॉर्मुज संकट: 9 भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए ईरान से बातचीत करेगा भारत, बढ़ा समुद्री तनाव

India Seeks Iran's Support for Safe Passage of 9 Tankers Amid Hormuz Crisis and Rising Gulf Tensions
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच भारत सरकार ने क्षेत्र में फंसे अपने नौ तेल और एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ बातचीत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन टैंकरों पर कुल 198 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, भारत का विदेश मंत्रालय ईरानी अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित कर जहाजों के सुरक्षित मार्ग और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा करेगा। पिछले कुछ महीनों से हॉर्मुज क्षेत्र में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और हमलों के कारण कई जहाज प्रभावित हुए हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ा है।
जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते के बाद कुछ समय के लिए जहाजों की आवाजाही सामान्य होने लगी थी, लेकिन हाल ही में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों और ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है। इसके चलते कई तेल टैंकरों ने अपनी यात्रा रोक दी है और सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं।
भारत के लिए यह मामला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक तेल बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नौवहन कंपनियों, विदेश मंत्रालय तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
About the Author: Ankit Chauhan
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