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पेड़ पर टंगी काली थैली में मिला नवजात, क्या है पूरा मामला

भिवानी की बिजली बोर्ड कॉलोनी में पेड़ पर काली थैली में लटका मिला नवजात बच्चा, जिसे पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।

भिवानी की बिजली बोर्ड कॉलोनी में पेड़ पर काली थैली में लटका मिला नवजात बच्चा, जिसे पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।

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adminभिवानी, 28 सितंबर 2026, (अपडेटेड 09:29 am)

हरियाणा के भिवानी शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। भिवानी की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सोमवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई, जब स्थानीय लोगों ने एक पेड़ पर टंगी काली पॉलिथीन के भीतर से एक नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी। इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और हैरानी का माहौल है कि आखिर कोई किसी लाचार और बेकसूर नवजात के साथ ऐसा क्रूर कृत्य कैसे कर सकता है।

सुबह की सैर पर निकले लोगों ने सुनी बच्चे की रोने की आवाज

घटनाक्रम के मुताबिक, सोमवार की सुबह जब कॉलोनी के लोग अपनी रूटीन मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्हें एक पेड़ से संदिग्ध हालत में बंधी काली थैली के पास से किसी बच्चे के रोने की धीमी आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने पास जाकर उस थैली को गौर से देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक नवजात शिशु को बेरहमी से प्लास्टिक की उस थैली के अंदर बंद करके पेड़ पर लटकाया गया था।

बिजली कर्मचारी संघ के प्रधान और इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी धर्मवीर भाटी ने जानकारी दी कि सुबह करीब पांच बजे तक वहां ऐसी कोई भी वस्तु या संदिग्ध गतिविधि नहीं थी। इसके ठीक थोड़ी देर बाद, यानी साढ़े पांच बजे के आसपास, लोगों की नजर उस थैली पर पड़ी। बच्चे की चीखें सुनकर तुरंत इकट्ठा हुए स्थानीय नागरिकों ने बिना एक पल गंवाए इसकी सूचना तुरंत डायल 112 पर पुलिस को दी।

तत्परता दिखाते हुए अस्पताल पहुंचाई गई जान

सूचना मिलते ही पुलिस दल और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा तुरंत मौके पर पहुंच गई। कॉलोनी में तैनात लाइनमैन राजकुमार और अन्य स्थानीय लोगों की मदद से नवजात को फौरन सुरक्षित बाहर निकाला गया और नजदीकी सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नवजात एक लड़का है और उसके शरीर पर जन्म के तुरंत बाद की नाल (umbilical cord) भी जुड़ी हुई थी। सुबह के वक्त खुले आसमान के नीचे और ठंडी हवाओं के बीच प्लास्टिक की थैली में लटकाए जाने के कारण मासूम का शरीर काफी ठंडा पड़ गया था। हालांकि, समय रहते स्थानीय लोगों की सजगता और पुलिस की तत्परता से उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सके।

डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और PGI रेफर

अस्पताल के प्रधानमंत्री चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉक्टर बलवान ने बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति पर अपडेट देते हुए बताया कि यह नवजात प्री-मैच्योर (समय से पहले जन्मा) है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर जरूर है, लेकिन बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सीय देखभाल के लिए उसे रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को कुछ हल्के झटके या दौरे जैसी समस्याएं भी महसूस हो रही हैं, जिसकी जांच की जा रही है कि यह समस्या जन्मजात है या फिर लंबी समयावधि तक पॉलिथीन में दमघोंटू माहौल में बंद रहने के कारण पैदा हुई है।

बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने लिया जायजा

इस अमानवीय घटना की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण भी फौरन अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर नवजात के स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी हर जानकारी ली।

मीडिया से बातचीत करते हुए तृप्ति श्योराण ने कहा कि इस तरह की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी निष्पक्षता से तफ्तीश कर रहा है। घटनास्थल के आसपास के इलाकों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। हालांकि कुछ कैमरे खराब स्थिति में मिले हैं, फिर भी पुलिस अन्य तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों की गवाही के आधार पर सुराग तलाशने में जुटी है। आयोग पूरी तरह से इस मामले पर नजर बनाए हुए है कि आखिर किसने इस नवजात को इस हालत में पेड़ पर लटकाया था।

पुलिस महकमे की जांच तेज, माता-पिता की तलाश जारी

सिटी थाना एसएचओ जरनैल सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बिजली विभाग के लाइनमैन वाई रामचंद्र के जरिए डायल 112 पर यह सूचना प्राप्त हुई थी कि बिजली बोर्ड कॉलोनी में एक पेड़ पर पॉलिथीन के अंदर नवजात लटका हुआ है और उसके रोने की आवाज आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।

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एसएचओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस अब उन क्रूर और संवेदनहीन माता-पिता की पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है जिन्होंने इस मासूम को जन्म लेते ही मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, रास्तों और संदिग्धों की फेरदोष की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले लोग कानून की गिरफ्त में होंगे।





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